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अंकिता भंडारी हत्याकांड: 24 घंटे के भीतर आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार, 88 दिनों में दाखिल हुआ था 500 पृष्ठों का आरोपपत्र 

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देहरादून। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में पुलिस मुख्यालय ने एक विस्तृत प्रेस वार्ता आयोजित कर जांच और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियां साझा की हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने पुलिस मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि उत्तराखंड पुलिस ने इस दुखद घटना के सामने आने के बाद बेहद तत्परता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की थी। 

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने जांच से लेकर न्यायालय में हुई कार्रवाई तक का विवरण सार्वजनिक किया है। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में पुलिस ने घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया और 88 दिनों में जांच पूरी कर न्यायालय में लगभग 500 पृष्ठों का आरोपपत्र दाखिल किया गया। डॉ. मुरुगेशन के अनुसार, घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल एसआईटी का गठन किया गया था। जांच की जिम्मेदारी डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई, ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से जुटाया जा सके। एडीजी ने बताया कि एसआईटी ने जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ की गई। फॉरेंसिक रिपोर्टों और गवाहों के बयानों का विश्लेषण करते हुए मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को आरोपपत्र में शामिल किया गया। पुलिस के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इस मामले में जांच की दिशा और साक्ष्यों के संकलन को महत्वपूर्ण बताते हुए डॉ. मुरुगेशन ने कहा कि पुलिस ने प्रकरण की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई की। घटना सामने आने के बाद की गई गिरफ्तारी और एसआईटी की जांच के जरिए मामले को न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचाया गया। डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि उत्तराखंड शासन की ओर से मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए गए। उनके अनुसार, एसआईटी द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया तथा आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। एडीजी के मुताबिक, तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। उन्होंने प्रेस वार्ता में जांच, गिरफ्तारी, आरोपपत्र दाखिल करने और न्यायालय के फैसले से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों की जानकारी दी। अंकिता भंडारी हत्याकांड ने वर्ष 2022 में पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। इस मामले में पुलिस जांच और न्यायिक कार्रवाई लगातार सार्वजनिक चर्चा का विषय रही है। पुलिस मुख्यालय में हुई प्रेस वार्ता का उद्देश्य मामले में अब तक हुई कार्रवाई और न्यायालय के फैसले से जुड़े तथ्यों को सामने रखना था।