मुन्ना अंसारी
लालकुआँ :- गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में आयोजित 119वें अखिल भारतीय किसान मेले के समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सेंचुरी पल्प एण्ड पेपर मिल को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी तथा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
13 मार्च से 16 मार्च तक आयोजित इस चार दिवसीय किसान मेले में देशभर से आए कृषि विशेषज्ञों, किसानों और विभिन्न संस्थाओं ने भाग लिया। समापन दिवस पर एग्रो फॉरेस्ट्री, नर्सरी, हर्बल एवं मेडिसनल प्लांट समूह में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सेंचुरी पल्प एंड पेपर को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने मेले में उपस्थित कृषि विशेषज्ञों और किसानों के बीच मिल की हरित पहल को विशेष पहचान दिलाई।
यह पुरस्कार मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा तथा सोशल फॉरेस्ट्री टीम के सदस्यों अमृत सैनी, अनिल दूबे, राजेश कुमार, वंदना पंत, सुष्मिता रावत, चित्रा नेगी, संजना नैनवाल और वैशाली जोशी ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया।
इस अवसर पर नरेश चन्द्रा ने बताया कि मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कुमार गुप्ता के कुशल निर्देशन में सोशल फॉरेस्ट्री एवं प्लांटेशन कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025–2026 में अब तक दो करोड़ 25 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है, जबकि वर्ष 2026–2027 के लिए दो करोड़ 50 लाख पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
समारोह के मुख्य अतिथि भगत सिंह कोश्यारी ने सेंचुरी पल्प एंड पेपर द्वारा एग्रो फॉरेस्ट्री और हरित क्रांति के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
किसान मेले के इस सम्मान ने सेंचुरी पल्प एंड पेपर की हरित विकास, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के साथ सहभागिता की प्रतिबद्धता को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है।

