महिला आरक्षण पर भाजपा की त्रिस्तरीय घेराबंदी: विधानसभा से लेकर पंचायतों तक विपक्ष के खिलाफ आएगा निंदा प्रस्ताव

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उत्तराखंड की सियासत में महिला आरक्षण का मुद्दा अब केवल विधानसभा की दहलीज तक सीमित नहीं रहने वाला है। 'नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम' के पारित न होने को लेकर भाजपा ने विपक्ष के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी और त्रिस्तरीय घेराबंदी की रणनीति तैयार की है। मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के बाद, अब भाजपा इस लड़ाई को 'छोटी सरकारों' यानी नगर निगमों, जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों तक ले जाने की तैयारी में है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ कर दिया है कि विपक्ष द्वारा मातृशक्ति के कथित अपमान को पार्टी जनता के बीच ले जाएगी। रणनीति के तहत, राज्य के सभी नगर निगमों, जिला पंचायतों और यहाँ तक कि क्षेत्र पंचायतों की बोर्ड बैठकों में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाए जाएंगे। भाजपा का उद्देश्य इस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर जिंदा रखना है ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं तक यह संदेश जाए कि कौन सा दल उनके आरक्षण के मार्ग में बाधा बना है। विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद, आज शाम राजधानी देहरादून की सड़कें मशालों की रोशनी से जगमगाएंगी। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं शामिल होंगे। इस जुलूस के माध्यम से भाजपा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के रुख के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराएगी। पार्टी इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक 'जनांदोलन' के रूप में पेश कर रही है। संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावों की तैयारियों को धार देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अगले महीने उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं। मई के पहले सप्ताह में उनके देहरादून आगमन की प्रबल संभावना है। अपने इस दौरे के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करेंगे और राज्य में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों, विशेषकर महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता के फीडबैक का जायजा लेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रदेश संगठन ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने महिला आरक्षण के मुद्दे को आगामी निकाय और पंचायत चुनावों के लिए अपना मुख्य हथियार बना लिया है। जिस तरह से पार्टी ने वार्ड स्तर से लेकर विधानसभा तक निंदा प्रस्ताव की योजना बनाई है, उससे साफ है कि विपक्ष के लिए आने वाले दिनों में महिला सुरक्षा और अधिकारों के सवालों का जवाब देना चुनौतीपूर्ण होगा। भाजपा का यह रुख न केवल विपक्ष को रक्षात्मक मुद्रा में लाएगा, बल्कि महिला वोट बैंक के ध्रुवीकरण में भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।