22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने से पहले केदारनाथ में भारी बर्फबारी, चार धाम यात्रा की तैयारियां प्रभावित

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देहरादून। चार धाम यात्रा की तैयारियों के बीच केदारनाथ धाम में कपाट खुलने से ठीक पहले बर्फबारी का सिलसिला जारी है। वहीं राज्य के पर्वतीय जिलों में शनिवार को तेज तूफान और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने की संभावना है। केदारनाथ धाम में कल से लगातार बर्फ गिर रही है, जिससे धाम का परिवेश सफेद हो गया है। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलने वाले हैं। ऐसे में बर्फबारी यात्रा तैयारियों पर असर डाल सकती है। आने वाले दिनों में नौ अप्रैल तक प्रदेशभर में मौसम बदला-बदला रहने वाला है। शुक्रवार को भी बादल छाए रहने और हवा चलने से मैदानी इलाकों का तापमान सामान्य रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को प्रतिबंधित या नियंत्रित करने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों में आवागमन पर नियंत्रण रखते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की आईआरएस प्रणाली के तहत नामित अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे। राजस्व उप-निरीक्षकों को क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने आम जनता से अपील की है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने की संभावना को देखते हुए यात्रियों को अनावश्यक आवागमन से बचने की हिदायत दी गई है।