होली पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी: उत्तराखंड रोडवेज बसों की नहीं होगी किल्लत, कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन योजना लागू

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देहरादून। रंगों के पर्व होली पर अपने घर जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तराखंड परिवहन निगम ने होली के दौरान बसों की किल्लत दूर करने और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। यात्रियों को समय पर बसें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निगम ने ड्राइवरों, कंडक्टरों और अन्य तकनीकी कार्मिकों के लिए एक विशेष 'प्रोत्साहन योजना' (इंसेंटिव स्कीम) जारी की है। इस योजना के तहत लगातार ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को 1500 रुपये तक की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह योजना 27 फरवरी से शुरू होकर 9 मार्च तक यानी कुल 11 दिनों तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में जो ड्राइवर और कंडक्टर बिना कोई अवकाश लिए लगातार 11 दिन तक ड्यूटी करेंगे, उन्हें विशेष बोनस का लाभ मिलेगा।

जिन कर्मचारियों का लोड फैक्टर (यात्रियों की संख्या) 90 प्रतिशत से अधिक रहेगा, उन्हें 500 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रोत्साहन योजना केवल ड्राइवरों तक सीमित नहीं है। डिपो कार्यशाला के तकनीकी कर्मचारियों, डीजल लिपिक, कैशियर, स्टोर कीपर, और काउंटर पर बुकिंग करने वाले लिपिकों को भी 10 दिन कार्य करने पर 1000 रुपये का बोनस दिया जाएगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि में किसी कर्मचारी का साप्ताहिक अवकाश आता है, तो वह योजना की अवधि समाप्त होने के बाद ही मिल सकेगा। अक्सर त्योहारों के समय बसों की कमी और भारी भीड़ के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। निगम का मानना है कि इस प्रोत्साहन राशि से कर्मचारी अवकाश लेने के बजाय ड्यूटी पर तैनात रहेंगे, जिससे बसों के फेरे बढ़ेंगे। विशेष रूप से दिल्ली, मेरठ, चंडीगढ़ और बरेली जैसे व्यस्त मार्गों के साथ-साथ राज्य के पर्वतीय जिलों के लिए अतिरिक्त बसों के संचालन की भी योजना है। परिवहन निगम के इस कदम से न केवल राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है, बल्कि हजारों यात्रियों का होली का सफर सुरक्षित और समयबद्ध सुनिश्चित हो सकेगा।