
मुन्ना अंसारी
हल्द्वानी :- हल्द्वानी में 8 कुमाऊं बटालियन के गौरव सेनानियों ने(कांगो दिवस) बटालियन का युद्ध सम्मान दिवस बड़ी धूमधाम से एक निजी बैंकट हॉल में क्षेत्र के गौरव सेनानी, दूर दराज से आए गौरव सेनानियों एवं वीर वीरांगना, वीर नारियों, मातृ शक्ति के साथ मनाया। रेजीमेंट के बलिदानी जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान कैप्टन जीवन सिंह नेगी ने इतिहास दोहराते हुए बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा में कांगो नाम की पहाड़ी पर जापानी सेना को मार भगाया। 7 फरवरी 1945 के दिन रेजीमेंट के जवानों ने अदम्य साहस वह शौर्य का परिचय देते हुए वर्मा की कांगो की पहाड़ी पर कब्जा किया। इस दौरान 34 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। जबकि 27 जवान घायल हुए। तब से 8 कुमाऊं के जवान कांगो दिवस मनाते हैं। यह दिवस रेजीमेंट हर वर्ष 7 फरवरी को मनाया जाता है। इसके बाद सभी पूर्व सैनिकों ने बलिदानी जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण से हुआ। कालिका माता की पूजा पलटन का इतिहास वह प्रकाश डिफेंस एकेडमी के बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम पलटन के वीर नारियों एवं सम्मानित पदक धारकों को कांगो दिवस कमेटी द्वारा किया गया। होली के की ताल पर पूर्व सैनिकों का नित्य करते नजर आए। मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल बी सी रौतेला सेवानिवृत्ति रहे। विशिष्ट अतिथि बटालियन के पूर्व सैनिक नगर पंचायत अध्यक्ष लालकुआं सुरेंद्र सिंह लोटनी, कुमाऊं दिवस के पदाधिकारी पाठक जी रहे। कार्यक्रम को मनाने के लिए जयपुर से कैप्टन माधव सिंह साहब व रानीखेत बागेश्वर पिथौरागढ़ दिल्ली से अनेकों गौरव सेनानी पहुंचे।
झोडा चाचरी के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम में अध्यक्ष कैप्टन कविंद्र सिंह, जीवन सिंह नेगी, नरेश चंद्र दुर्गापाल, राम सिंह, कैलाश सिंह कार्की, गोकुल, बहादुर सिंह, बलवंत सिंह, दीवान सिंह, चंदन पाठक, ठाकुर सिंह, भगवत सिंह, घनश्याम, जगत सिंह, प्रकाश मिश्रा, सुरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, हीरा सिंह, दीपक सिंह समेत अनेकों गौरव सेनानी व मातृशक्ति मौजूद रहे।

