पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना उत्तराखंड सरकार जल्द ही 5500 से अधिक लाभार्थियों के लिए लंबित राज्य सब्सिडी जारी करेगी।

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देहरादून। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तराखंड के 5500 से अधिक लाभार्थियों का राज्य सब्सिडी का लंबा इंतजार जल्द ही खत्म होने जा रहा है। कैबिनेट की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है कि जिनके सौर संयंत्र 31 मार्च 2025 तक संचालित हो गए थे, उन्हें राज्य सरकार की सब्सिडी का पूरा लाभ दिया जाएगा। पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार तीन किलोवाट प्रोजेक्ट पर 85,800 रुपये की सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से प्रति किलोवाट 17,000 रुपये की दर से तीन किलोवाट पर कुल 51,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही थी। हालांकि पिछले साल एक अप्रैल 2024 से राज्य सब्सिडी बंद कर दी गई थी, जिससे कई लाभार्थी परेशान थे। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए उन सभी लाभार्थियों को राज्य सब्सिडी देने का फैसला किया गया, जिनके सोलर प्लांट 31 मार्च 2025 तक शुरू हो चुके थे।

उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (उरेडा) के माध्यम से सब्सिडी वितरण का सिलसिला पहले ही शुरू हो चुका है। बजट उपलब्ध होने के बाद उरेडा ने जनवरी 2024 तक के प्रोजेक्टों की राज्य सब्सिडी दे दी है। अब कैबिनेट के नए निर्णय के आधार पर शेष लाभार्थियों की सब्सिडी भी जल्द आवंटित कर दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, 3000 लाभार्थियों की सब्सिडी आवंटन प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है। यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर है जो सौर ऊर्जा अपनाकर बिजली बिल शून्य करने की दिशा में आगे बढ़े थे। योजना से न केवल बिजली बिल में भारी बचत हो रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है और राज्य के पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान हो रहा है। देहरादून, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार जैसे जिलों में इस योजना की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया देखी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार का यह निर्णय सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम जनता को राहत पहुंचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। उरेडा अधिकारियों ने बताया कि बजट मिलते ही शेष सब्सिडी का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इस फैसले से पीएम सूर्यघर योजना के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा तथा राज्य में सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने की गति बढ़ने की उम्मीद है।