ऊधम सिंह नगर पुलिस का बड़ा खुलासा, सोना-चांदी और नगदी के साथ तीन अंतरजनपदीय शातिर चोर गिरफ्तार

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किच्छा। ऊधम सिंह नगर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। किच्छा पुलिस ने बंद मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय शातिर चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, लाखों रुपये की नगदी, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और चोरी में इस्तेमाल किया गया सामान बरामद किया है। एसएसपी अजय गणपति ने खुलासा करते हुए बताया कि विगत 19 अप्रैल की रात थाना किच्छा क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी में अज्ञात चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया था।  मामले में 20 अप्रैल को मकान स्वामी राजेंद्र कुमार गोयल की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस अधीक्षक अपराध, पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में जांच शुरू की गई, जबकि विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक जयप्रकाश को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने किच्छा, रुद्रपुर, बहेड़ी, बरेली, रामपुर और सितारगंज क्षेत्र के लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की। इसी क्रम में 9 मई को मुखबिर से सूचना मिली कि जिन चोरों की तलाश की जा रही है, वे सितारगंज के केशवनगर क्षेत्र में मौजूद हैं, जहां मुख्य आरोपी दीपक गुप्ता का नया मकान निर्माणाधीन है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने केशवनगर कॉलोनी में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक गुप्ता उर्फ जगदीश गुप्ता निवासी शेरगढ़ बहेड़ी, हाल निवासी सितारगंज, अकील अहमद निवासी इस्लामनगर खटीमा तथा दीपक रस्तोगी उर्फ लड्डू निवासी शाहजहांपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 389 ग्राम पीली धातु के आभूषण, 3 किलो 417 ग्राम सफेद धातु के आभूषण, 3 लाख 485 रुपये नगद, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, चोरी में प्रयुक्त आला नकब, काली यामाहा एफजेड मोटरसाइकिल, एक काला बैग, चैकदार शर्ट और तौलिया बरामद किया है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी किए गए कुछ जेवरात शाहजहांपुर क्षेत्र के सुनारों को बेचे गए हैं। पुलिस अब उन सुनारों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान मुख्य आरोपी दीपक गुप्ता उर्फ जगदीश गुप्ता का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में चोरी, नकबजनी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक वह लंबे समय से संगठित अपराध में सक्रिय रहा है और कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है। खुलासे में प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार सैनी, उपनिरीक्षक जयप्रकाश, दीपक जोशी, पवन जोशी, एसओजी प्रभारी उमेश कुमार सहित पुलिस और एसओजी टीम के कई जवानों की अहम भूमिका रही।