मुन्ना अंसारी
लालकुआँ :- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) 34वीं वाहिनी हल्दूचौड़ में कमांडेंट अनिल सिंह बिष्ट के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सेवानिवृत्त सैनिक दिवस बड़े ही उत्साह, सम्मान और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भूतपूर्व सैनिकों एवं पदाधिकारियों के अमूल्य योगदान को स्मरण करना तथा उनके साथ आत्मीय संवाद स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी पूर्व सैनिकों एवं भूतपूर्व पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर वाहिनी परिवार द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
आयोजन के दौरान तंबोला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके पश्चात पारंपरिक “बड़ा खाना” (सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने एक साथ बैठकर आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया।
सम्मान समारोह के अंतर्गत पूर्व सैनिकों को उनके उत्कृष्ट सेवाकाल, समर्पण एवं राष्ट्र के प्रति अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने अपने सेवाकाल की प्रेरणादायक अनुभूतियाँ एवं महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए, जिससे कार्यक्रम को विशेष गरिमा एवं भावनात्मक ऊँचाई प्राप्त हुई।
कमांडेंट अनिल सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व सैनिक संगठन की अमूल्य धरोहर हैं। उनका अनुभव एवं मार्गदर्शन वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने सभी भूतपूर्व सैनिकों के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि भूतपूर्व महानिरीक्षक वी के उप्रेती व भूतपूर्व महानिरीक्षक पी एस डंगवाल ने शिरकत करते हुए हिमवीर जवानो के अदमय साहस की प्रशंसा करते हुए सराहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन संगठन एवं पूर्व सैनिकों के बीच आत्मीय संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को पुरस्कृत करते हुए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में द्वितीय कमान हेमंत कुमार, डॉ. चंद्रशेखर, चंद्र सिंह पुनेठा, दीपक शेहरावत, कृष्ण सिंह दीक्षित, कुंवर नेगी, जगत, अनिल यादव समेत कई अधिकारी व हिमवीर जवान शामिल हुए l

