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उत्तराखंड में बज गया पंचायत उपचुनाव का बिगुल: 3922 पदों के लिए 12 अक्टूबर को मतदान, 14 को आएंगे नतीजे

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देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायतों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए इंतज़ार खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों में रिक्त चल रहे कुल 3922 पदों पर उपचुनाव का विस्तृत कार्यक्रम घोषित कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार की ओर से अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश भर के जिलाधिकारियों ने भी संबंधित जनपदों में चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायतों के लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को भरने की कवायद आखिरकार चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में कुल 3922 रिक्त पदों के लिए उपचुनाव कराया जाएगा। इसके तहत 30 सितंबर और एक अक्टूबर को नामांकन होंगे, जबकि 12 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान के दो दिन बाद यानी 14 अक्टूबर को मतगणना होगी और इसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होने के बाद शनिवार को संबंधित जिलाधिकारियों ने भी अपने-अपने जिलों में उपचुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी। इस चुनाव के जरिए ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के रिक्त पदों को भरा जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार उपचुनाव की प्रक्रिया 30 सितंबर से नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ शुरू होगी। 30 सितंबर और एक अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। तीन अक्टूबर को सुबह 10 बजे से नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद चार अक्टूबर को सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। पांच अक्टूबर को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। मतदान 12 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होगा। इसके बाद 14 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी और शाम तक परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक रिक्त पद पौड़ी जिले में हैं। यहां ग्राम पंचायत सदस्य के 1103 और ग्राम प्रधान के आठ पदों पर चुनाव होना है। इसके बाद अल्मोड़ा में ग्राम पंचायत सदस्य के 858 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के एक पद पर उपचुनाव होगा। टिहरी में ग्राम पंचायत सदस्य के 529, ग्राम प्रधान के चार और क्षेत्र पंचायत सदस्य के एक पद पर चुनाव होगा। पिथौरागढ़ में ग्राम पंचायत सदस्य के 284 और ग्राम प्रधान के दो पद रिक्त हैं। चमोली में ग्राम पंचायत सदस्य के 279, ग्राम प्रधान के छह और क्षेत्र पंचायत सदस्य के एक पद पर चुनाव कराया जाएगा।नैनीताल में ग्राम पंचायत सदस्य के 207, ग्राम प्रधान के एक और क्षेत्र पंचायत सदस्य के दो पद हैं। उत्तरकाशी में ग्राम पंचायत सदस्य के 199, ग्राम प्रधान के एक और क्षेत्र पंचायत सदस्य के दो पद रिक्त हैं। ऊधम सिंह नगर में ग्राम पंचायत सदस्य के 108 पदों पर चुनाव होगा। रुद्रप्रयाग में 107 ग्राम पंचायत सदस्य और एक ग्राम प्रधान, चंपावत में 90 ग्राम पंचायत सदस्य, देहरादून में 65 ग्राम पंचायत सदस्य और एक क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा बागेश्वर में 61 ग्राम पंचायत सदस्य, एक ग्राम प्रधान और एक क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर उपचुनाव होगा। हरिद्वार में ग्राम पंचायत सदस्य के 14 और ग्राम प्रधान के तीन पद रिक्त हैं। उत्तराखंड में हरिद्वार को छोड़कर शेष 12 जिलों में पिछले वर्ष त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न हुए थे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद रिक्त रह गए थे। बाद में कराए गए उपचुनाव के बावजूद विभिन्न कारणों से कई पद खाली रह गए। इनमें अकेले ग्राम पंचायत सदस्य के 3904 पद, ग्राम प्रधान के 26 पद और क्षेत्र पंचायत सदस्य के नौ पद शामिल हैं। कुल संख्या 3922 बनती है। इनमें हरिद्वार के ग्राम पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान के पद भी शामिल हैं। रिक्त पदों को लेकर चुनाव प्रक्रिया का मामला उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा था। अब निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के बाद चुनावी प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। पंचायत उपचुनाव केवल रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिनिधित्व की व्यवस्था भी पूरी होगी। जिन ग्राम पंचायतों में सदस्य अथवा प्रधान के पद खाली हैं, वहां पंचायत स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधित्व का अभाव बना हुआ है। ऐसे में उपचुनाव के बाद संबंधित पंचायतों की व्यवस्था को पूर्ण प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है। अब नामांकन शुरू होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज होंगी। दावेदारों की सक्रियता, नामांकन और चुनाव प्रचार के बाद 12 अक्टूबर को मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। 14 अक्टूबर को मतगणना के साथ इस उपचुनाव का परिणाम सामने आ जाएगा। 3922 रिक्त पदों को भरने के लिए जारी यह चुनाव कार्यक्रम उत्तराखंड की पंचायत व्यवस्था में खाली पड़े प्रतिनिधित्व को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।