उत्तराखंड के सभी सरकारी दफ्तरों, यूपीसीएल के सभी कर्मचारियों के आवासों पर लगे हुए स्मार्ट मीटर अब प्रीपेड होंगे। वहीं, पूरे प्रदेश में अब स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए एकल उपभोक्ता एप होगा। शनिवार को यूपीसीएल पहुंचे केंद्रीय सचिव ऊर्जा पंकज अग्रवाल ने समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए।
केंद्रीय सचिव अग्रवाल ने यूपीसीएल में आरडीएसएस योजना के तहत संचालित स्मार्ट मीटरिंग की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रदेशभर में अदाणी और जीनस कंपनी के सहयोग से तीन लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। सचिव अग्रवाल ने निर्देश दिए कि प्रदेशभर में सभी सरकारी अफसर, कर्मचारियों के आवास, कार्यालयों पर लगाए गए स्मार्ट मीटर को स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बदला जाए। पूर्व में सभी प्रीपेड मीटर लगाने थे लेकिन विरोध के बीच इसे पोस्टपेड मोड में लगाया गया। बैठक में अधिकारियों ने जब बताया कि वर्तमान में यूपीसीएल के एप के अलावा गढ़वाल मंडल में जीनस और कुमाऊं मंडल में अदाणी ग्रुप के अलग-अलग मोबाइल एप भी चल रहे हैं। सचिव ऊर्जा पंकज अग्रवाल ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि 15 दिन के भीतर पूरे प्रदेश का एकल उपभोक्ता एप बनाया जाए। ऐसा एप, जिससे हर उपभोक्ता स्मार्ट मीटर की पूरी जानकारी हासिल कर सके। वर्तमान में यूपीसीएल के एप पर कम और विस्तार से जानकारी कंपनियों के एप पर है। एक उपभोक्ता को दो-दो एप डाउनलोड करने पड़ रहे हैं। हालांकि उन्होंने दो से तीन दिन में बिल जारी होने पर संतोष भी जताया। केंद्रीय सचिव ने जीनस के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह काबिल मानव संसाधन लेकर आएं। इससे पूर्व उन्होंने यूपीसीएल के डाटा सेंटर का निरीक्षण भी किया। केंद्रीय सचिव ऊर्जा प्रदेश में हानि में कमी के लिए हुई कवायद पर संतुष्ट दिखे। इसके लिए ऊर्जा निगमों के स्तर से नए सब स्टेशन बनाने, पुरानी लाइनें बदलने, कंडक्टर बदलने जैसे कई काम कराए जा रहे हैं। सचिव ऊर्जा पंकज अग्रवाल ने तीनों ऊर्जा निगमों के 15 साल के ऊर्जा संसाधन प्लान की भी समीक्षा की। इसके तहत यूपीसीएल ने पांच साल तक 500 मेगावाट का इंतजाम कर लिया है। इन पांच वर्षों के भीतर ही 1320 मेगावाट कोयले की बिजली भी मिलनी शुरू हो जाएगा।

