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कर्णप्रयाग पहुंचीं मंत्री रेखा आर्य: चमोली के 1078 आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 अक्तूबर से चलेगा ‘आंगन का मिलन

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चमोली। राज्य और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य सोमवार को कर्णप्रयाग पहुंचीं, जहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए अब चमोली जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को जनजागरूकता और सेवा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में सक्रिय किया जाएगा। जिले के 1078 आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 अक्टूबर से ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम शुरू होगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में लोगों को राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ योजनाओं से अब तक वंचित पात्र लोगों को लाभ दिलाने पर विशेष जोर रहेगा। इसी सिलसिले में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य सोमवार को कर्णप्रयाग पहुंचीं और अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। मंत्री ने कार्यक्रम के आयोजन, विभागीय स्तर पर तैयारियों और योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहें, बल्कि इनका सीधा लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनके लिए जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी का अभाव कई बार पात्र लोगों को लाभ से दूर रखता है। ऐसे में गांव-गांव मौजूद आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी देना प्रशासन के लिए स्थानीय स्तर पर पहुंच मजबूत करने का माध्यम बन सकता है। आंगन का मिलन’ कार्यक्रम में राज्य पोषित और केंद्र पोषित योजनाओं की जानकारी आम लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यह प्रयास किया जाएगा कि पात्र होने के बावजूद जिन लोगों को अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें संबंधित सेवाओं और योजनाओं से जोड़ा जाए। चमोली जैसे पर्वतीय जिले में 1078 आंगनबाड़ी केंद्रों का नेटवर्क अभियान की व्यापक पहुंच का आधार बनेगा। मंत्री रेखा आर्य ने सभी केंद्रों पर जल्द कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से अभियान के सफल संचालन के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने कहा कि संगठन और विभागीय कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल से ही अभियान को धरातल पर प्रभावी तरीके से उतारा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की तैयारियों में तेजी लाने और स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आंगन का मिलन’ की सबसे बड़ी कसौटी यही होगी कि कार्यक्रमों के बाद कितने पात्र परिवार वास्तविक रूप से योजनाओं से जुड़ पाते हैं। केवल योजनाओं की जानकारी देना पहला कदम है, जबकि पात्र व्यक्ति का आवेदन, दस्तावेज, पंजीकरण और लाभ प्राप्त होने तक मदद पहुंचाना अभियान की प्रभावशीलता तय करेगा। आंगनबाड़ी केंद्र पहले से ही बच्चों, महिलाओं और परिवारों से जुड़े कार्यक्रमों का स्थानीय माध्यम हैं। ऐसे में इन्हीं केंद्रों के जरिए सरकारी योजनाओं को जरूरतमंदों से जोड़ने की पहल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच संपर्क को मजबूत कर सकती है। 25 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह अभियान चमोली में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब विभाग के सामने चुनौती 1078 केंद्रों पर कार्यक्रम कराने से आगे बढ़कर यह सुनिश्चित करने की है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में उन परिवारों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।