रांची मांडर बमबारी कांड का खुलासा: प्रेमिका ने नए आशिक के साथ मिलकर रची पूर्व प्रेमी की हत्या की साजिश

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रांची। राजधानी रांची के मांडर थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई बमबारी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर न सिर्फ खुलासा कर दिया, बल्कि इस खूनी साजिश के पीछे छिपे चेहरों को भी बेनकाब कर दिया है। ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी वारदात किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि एक महिला ने अपने पूर्व प्रेमी को रास्ते से हटाने के लिए अपने नए आशिक के साथ मिलकर अंजाम दी थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता महिला समेत तीन बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।

घटना की शुरुआत 30 जून की अहले सुबह हुई, जब डायल 112 पर पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बोंडो (महुआजाड़ी) निवासी कुलदीप खलखो के घर पर अज्ञात अपराधियों ने देसी सुतली बम फेंके हैं। धमाका इतना जोरदार था कि घर की छत पर लगा अल्बेस्टर टूट गया। सूचना मिलते ही मांडर पुलिस की छापेमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि घर के दक्षिण हिस्से में एक फटे हुए देसी सुतली बम के अवशेष बिखरे पड़े थे, जबकि घर के आसपास और छत पर तीन जिंदा सुतली बम पड़े हुए थे, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत बीडीएस (बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड) की टीम को बुलाया और तीनों जिंदा बमों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद जब गृहस्वामी कुलदीप खलखो और उसके परिजनों से गहन पूछताछ की गई, तो 'सरिता' नाम की महिला का सुराग हाथ लगा। ग्रामीण एसपी ने बताया कि पुलिस अनुसंधान में जो सच सामने आया, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा था। पीड़ित कुलदीप खलखो का करीब एक साल पहले सरिता कुजूर नाम की महिला के साथ प्रेम संबंध था। लेकिन कुछ समय बाद सरिता का झुकाव समीर केरकेट्टा की तरफ हो गया और वह कुलदीप को छोड़कर समीर के साथ रहने लगी। इसी बात को लेकर कुलदीप और समीर के बीच पुराना विवाद और मतभेद चल रहा था। कुलदीप को रास्ते से हटाने के लिए सरिता और समीर ने एक खौफनाक योजना बनाई। वारदात से पहले अपराधियों ने कुलदीप के घर की पूरी रेकी की थी। यही नहीं, आरोपी समीर केरकेट्टा को सहयोगी तबरेज अंसारी और अन्य लोगों ने जंगल क्षेत्र में ले जाकर बकायदा सुतली बम फेंकने का रिहर्सल (अभ्यास) भी कराया था। योजना के मुताबिक,आरोपियों ने कुलदीप की हत्या करने की नीयत से उसके सोने वाले कमरे की छत को निशाना बनाकर चार बम फेंके थे, लेकिन खुशकिस्मती से इस हमले में किसी की जान की क्षति नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित जाल बिछाया और महज 6 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी समीर केरकेट्टा को दबोच लिया। समीर के कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने इटकी और बेड़ो समेत कई थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर मुख्य साजिशकर्ता सरिता कुजूर और बम रिहर्सल कराने वाले तबरेज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। इस त्वरित और सफल कार्रवाई के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने मांडर पुलिस की जमकर सराहना की है।