उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के तहत होशियारपुर ग्रामीण क्षेत्र के मुकेरियां (नंगला बिहाल) में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) पर करारा प्रहार किया। देवतुल्य जनता के बीच हुंकार भरते हुए सीएम धामी ने कहा कि पंजाब की जनता ने जिस भारी भरोसे और उम्मीद के साथ आम आदमी पार्टी को सत्ता सौंपी थी, वर्तमान सरकार ने उस जनविश्वास के साथ सीधा खिलवाड़ किया है।
पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर सियासी बहस के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को होशियारपुर ग्रामीण के मुकेरियां स्थित नंगला बिहाल में आयोजित ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की जनसभा को संबोधित किया। भाजपा की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान में धामी ने नशे को पंजाब के युवाओं और परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक सवाल बताते हुए इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आह्वान किया। यह यात्रा 18 सितंबर से शुरू हुई चार चरणों की मुहिम का हिस्सा है, जिसका समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है। जनसभा में धामी ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने जिस भरोसे के साथ उसे सत्ता सौंपी थी, उस भरोसे के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले नशे पर अंकुश लगाने और पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा किया गया था, लेकिन आज प्रदेश गंभीर नशे की समस्या से जूझ रहा है। उनके मुताबिक नशे की गिरफ्त में फंसकर पंजाब के युवा अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं और इसके साथ ही माता-पिता की वर्षों की मेहनत तथा अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के सपने भी प्रभावित हो रहे हैं। धामी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल राजनीतिक मुद्दे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह पंजाब की सामाजिक संरचना, युवाओं के भविष्य और परिवारों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौती है। उन्होंने तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों के उपचार और पुनर्वास की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति के लिए सरकारी प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है। भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को पार्टी ने राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान के रूप में पेश किया है। रिपोर्टों के अनुसार अभियान को पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक ले जाने और करीब 4,000 किलोमीटर की यात्रा के जरिए लोगों को नशे के खिलाफ लामबंद करने का कार्यक्रम है। अभियान में नशे के साथ कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भी उठाया जा रहा है। होशियारपुर पहुंचने से पहले यात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। 25 सितंबर को होशियारपुर में आयोजित सभा में भाजपा नेताओं ने नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने की बात कही थी। धामी की मुकेरियां जनसभा ने पंजाब में नशे के सवाल को एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ भाजपा इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनअभियान चला रही है, तो दूसरी ओर राज्य सरकार की नीतियों और नशे पर नियंत्रण को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। ऐसे में पंजाब के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर तस्करी रोकने, युवाओं को नशे से बचाने, उपचार सुविधाओं को मजबूत करने और नशे की गिरफ्त से बाहर आए लोगों के पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की है। पंजाब के युवाओं के भविष्य से जुड़ा यह सवाल अब केवल चुनावी मंच तक सीमित नहीं रह सकता। नशे के खिलाफ वास्तविक सफलता का पैमाना यही होगा कि कार्रवाई के साथ समाज में जागरूकता बढ़े, युवाओं को बेहतर अवसर मिलें और नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को सम्मानजनक पुनर्वास का रास्ता मिले।

