महिला आरक्षण पर रेखा आर्य का विपक्ष पर प्रहार: कहा- इंडी गठबंधन की ऐतिहासिक गलती उन पर पड़ेगी भारी

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देहरादून। उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने महिला आरक्षण और अधिकारों के मुद्दे पर विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने विपक्ष, विशेषकर आईएनडीआईए  (I.N.D.I.A.) गठबंधन पर महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। रेखा आर्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं को उनके हक से अब कोई वंचित नहीं कर सकता और आधी आबादी अब अपना अधिकार छीन कर लेना जानती है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि देश में दशकों से महिला आरक्षण का मुद्दा लंबित रहा, लेकिन हर बार विपक्षी दलों ने इसमें अड़चनें पैदा कीं। उन्होंने कांग्रेस, सपा और राजद जैसे दलों को घेरते हुए कहा कि इन पार्टियों में 'परिवारवाद' हावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों में केवल खास परिवारों की महिलाओं को ही राजनीतिक अवसर मिलते हैं, जबकि आम और मेहनती महिलाओं को आगे बढ़ने से रोका जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं के अधिकारों के साथ किया गया यह खिलवाड़ विपक्ष की 'ऐतिहासिक गलती' साबित होगी और आने वाले चुनावों में देश की महिलाएं अपने वोट की ताकत से इसका करारा जवाब देंगी। रेखा आर्य ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत (एक-तिहाई) आरक्षण देने का संकल्प भाजपा ने लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि चाहे आज हो या कल, महिला आरक्षण हर हाल में लागू होकर रहेगा और इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक नेतृत्व को ही जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को केवल 'वोटर' नहीं मानती, बल्कि उन्हें नीति निर्माण में बराबर का भागीदार बनाना चाहती है। मंत्री रेखा आर्य ने आगामी 28 अप्रैल को देहरादून में प्रस्तावित 'आक्रोश मशाल रैली' का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह रैली महिलाओं के अंदर सुलगते गुस्से और उनके अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता का जीवंत प्रतीक होगी। उन्होंने बताया कि इस रैली में राज्यभर से हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल होकर विपक्षी दलों को कड़ा संदेश देंगी। रेखा आर्य के मुताबिक, आज की महिलाएं शिक्षित और जागरूक हैं और वे अब अपने अधिकारों के लिए चुप बैठने वाली नहीं हैं। सामाजिक न्याय पर जोर देते हुए रेखा आर्य ने कहा कि महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र को संतुलित करने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने तर्क दिया कि जब महिलाएं निर्णय लेने वाली कुर्सियों पर बैठेंगी, तो नीतियों में अधिक संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण आएगा, जिससे अंततः देश का विकास होगा। अंत में मंत्री ने राज्य और देश की महिलाओं से अपील की कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है और भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे।